Kanpur news: CSJMU में भगवान ऋषभदेव की शिक्षाओं पर मंथन, कुलपति ने बताया महत्व
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में आचार्य विद्यासागर सुधासागर जैन शोध पीठ और दीनदयाल शोध केंद्र ने मिलकर तीर्थंकर ऋषभदेव के जन्म कल्याणक महोत्सव पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘तीर्थंकर ऋषभदेव: उनका सामाजिक-सांस्कृतिक अवदान’ था।
संगोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीडीओ दीक्षा जैन और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने किया। सीडीओ दीक्षा जैन ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना की और कहा कि जैन दर्शन का अध्ययन और शोध समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि आज पूरी दुनिया में खेला जाने वाला सांप-सीढ़ी का खेल भी जैन धर्म से जुड़ा हुआ माना जाता है।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान ऋषभदेव की शिक्षाएं समाज के लिए बहुत उपयोगी हैं। उन्होंने जोर दिया कि नई पीढ़ी को धर्म और दर्शन की सही जानकारी होना आवश्यक है। प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कहा कि असि, मसि और कृषि की परंपरा भगवान ऋषभदेव से जुड़ी मानी जाती है। उन्होंने बताया कि जैन धर्म के मूल सिद्धांत जैसे अहिंसा, अपरिग्रह और अस्तेय जीवन में शांति और समृद्धि लाते हैं।
संगोष्ठी के दूसरे सत्र में विभिन्न विद्वानों ने अपने विचार रखे, जबकि शोधार्थियों ने भगवान ऋषभदेव से जुड़े विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
