लखनऊ नगर निगम कार्यालय की कुर्की करने पहुंची पुलिस टीम, मचा हड़कंप; जानिए क्या है पूरा मामला (Lucknow news)
लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सिविल कोर्ट के आदेश पर पुलिस और न्यायालय के अमीन की टीम कुर्की के लिए पहुंच गई। यह कार्रवाई एक पुराने बकाया भुगतान विवाद को लेकर की गई थी। टीम ने नगर आयुक्त के कक्ष से टेबल, कुर्सियां, सोफा और इनवर्टर तक बाहर निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान निगम के कर्मचारियों और पुलिस टीम के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
कोर्ट ने 10 कंप्यूटर, 10 मेज, 50 कुर्सियां और 25 अलमारियां कुर्क करने का निर्देश दिया था। साथ ही डिक्री धारक को कब्जा दिलाने के लिए पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराने को कहा गया था।
यह विवाद मेसर्स गंगा संस्थान और नगर निगम के बीच का है। संस्थान कैसरबाग क्षेत्र में शेल्टर होम चलाता था। 2019 में नगर निगम ने संस्था का नवीनीकरण समाप्त कर दिया और बकाया भुगतान भी रोक दिया। संस्थान ने कोर्ट का रुख किया, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने नगर निगम को 2.17 लाख रुपये के बकाये के साथ छह माह का ब्याज देने का आदेश दिया। भुगतान न होने पर कोर्ट ने कुर्की का आदेश जारी कर दिया।
इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुर्की की सूचना एक दिन पहले ही संबंधित पुलिस चौकी ने अपर नगर आयुक्त ललित कुमार को दे दी थी, लेकिन यह जानकारी समय पर नगर आयुक्त और विधि विभाग तक नहीं पहुंचाई गई। इसी लापरवाही के कारण निगम को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।
तीन घंटे तक चले हंगामे हंगामे के बाद अफसरों के हस्तक्षेप और कोर्ट में आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने की जानकारी देने पर टीम शाम को लौट गई। बाहर निकाला गया सामान फिर से नगर आयुक्त के कक्ष में रख दिया गया।
