Lucknow news: गैस संकट से धधकने लगी भट्टियां, होटल-ढाबों में जुगाड़ से चल रहा कारोबार
राजधानी लखनऊ के बाजारों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर की किल्लत अब खुलकर सामने आने लगी है। हजरतगंज और लालबाग जैसे प्रमुख इलाकों में होटल, चाय की दुकानें और पूड़ी-कचौड़ी के प्रतिष्ठान गैस संकट से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि कई छोटे कारोबारियों ने गैस चूल्हे की जगह कोयले की भट्टी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। कई दुकानदारों के पास सिर्फ दो से चार दिन का गैस स्टॉक बचा है, जिसके बाद उन्हें या तो पूरी तरह से भट्टी पर निर्भर होना पड़ेगा या फिर दुकान बंद करनी पड़ेगी।
कोयले की भट्टी पर बन रहे छोले भटूरे
लालबाग स्थित मशहूर सरदार जी छोले भटूरे की दुकान पर अब गैस चूल्हे की जगह कोयले की भट्टी धधक रही है। दुकान के मालिक चरणजीत सिंह ने बताया कि गैस सिलेंडर मिल नहीं पा रहा है। बहुत कोशिशों के बाद भी एक भी सिलेंडर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि दुकान बंद करना संभव नहीं है, इसलिए गैस चूल्हे को ही भट्टी की तरह कन्वर्ट कर दिया गया है। इसी तरह हजरतगंज के बाजपेई कचौड़ी भंडार में भी दो दिन का स्टॉक बचा है, जिसके बाद उन्हें भी भट्टी पर पूड़ी बनानी पड़ सकती है।
घरेलू सिलेंडर का सहारा और ब्लैक मार्केटिंग
गैस संकट से निपटने के लिए कई दुकानदार घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। लालबाग की प्रसिद्ध शर्मा चाय की दुकान के संचालक ने बताया कि उन्हें मजबूरी में घर का सिलेंडर मंगवाना पड़ा। वहीं, शहनजफ रोड पर टिक्की और चाट की दुकान चलाने वाले राजीव ने बताया कि उन्हें घरेलू सिलेंडर 1400 रुपये में ब्लैक में खरीदना पड़ा। कई अन्य दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो राजधानी के कई छोटे होटल, ढाबे और चाय की दुकानें बंद हो जाएंगी।
