कानपुर में UPPCB ने आयोजित किया Waste Management सेमिनार, विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने कानपुर में वेस्ट मैनेजमेंट पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार में सीवेज, सॉलिड और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन जैसे गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों पर विशेषज्ञों ने गहन चर्चा की और समाधान सुझाए। यह आयोजन जन जागरूकता और आउटरीच बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में अधिक समझ विकसित हो सके।
डॉ. गौरहरि सिंहानिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के सभागार में हुए इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। एचबीटीयू के डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. डीपी परमार ने सीवेज मैनेजमेंट की वास्तविकता, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तृत जानकारी दी।
इसी क्रम में, एचबीटीयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष कुमार ने प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण विचार पेश किए, जो वर्तमान समय की एक बड़ी चुनौती है। जय किशन धनधनिया ने एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी (ईपीआर) विषय पर गहन जानकारी दी, जो कचरा उत्पादकों की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है। एचबीटीयू के एसोसिएट प्रोफेसर बृजेश सिंह ने सीवेज कलेक्शन और ट्रीटमेंट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार सुमन भी मौजूद रहे, जो इन पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में बोर्ड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसे सेमिनार न केवल तकनीकी समाधानों पर चर्चा करते हैं बल्कि आम जनता और उद्योगों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।
