राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल, IIM रिपोर्ट में खुलासा: Ayodhya economy को मिली नई उड़ान
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद शहर की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व तेजी आई है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ द्वारा जारी ‘इकॉनमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या’ नामक एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि मंदिर के उद्घाटन के बाद से पर्यटन, निवेश, कारोबार और रोजगार के अवसरों में व्यापक वृद्धि हुई है। यह रिपोर्ट धार्मिक पर्यटन के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का एक प्रमुख उदाहरण प्रस्तुत करती है।
अध्ययन के अनुसार, राम मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या में सालाना लगभग 1.7 लाख श्रद्धालु आते थे, और स्थानीय दुकानदारों की औसत दैनिक आय 400 से 500 रुपये थी। सीमित होटल, कमजोर कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण आर्थिक गतिविधियां काफी सीमित थीं।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदल गई तस्वीर
जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद स्थिति तेजी से बदल गई है। पहले छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, और अब हर साल पांच से छह करोड़ आगंतुकों के आने का अनुमान है। इस पर्यटन उछाल से कर राजस्व 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जो Ayodhya economy के लिए एक बड़ा बूस्ट है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन से आतिथ्य और सेवा क्षेत्र को नई गति मिली है। शहर में 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे शुरू हुए हैं, जबकि ताज, मैरियट जैसे बड़े होटल समूहों ने भी विस्तार योजनाएं घोषित की हैं। ऑनलाइन बुकिंग में चार गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
रोजगार और आय में भारी वृद्धि
आर्थिक गतिविधियों में तेजी के कारण लगभग 6,000 नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) स्थापित हुए हैं। अनुमान है कि अगले चार-पांच वर्षों में 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। छोटे दुकानदारों की दैनिक आय बढ़कर 2,500 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। इसके अतिरिक्त, मंदिर क्षेत्र के आसपास संपत्ति की कीमतों में पांच से दस गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो निवेश के लिए अयोध्या को एक आकर्षक गंतव्य बना रहा है। यह अध्ययन दर्शाता है कि सुविचारित नीति और निवेश के साथ धार्मिक पर्यटन किस प्रकार किसी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बदल सकता है।
