राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा, सपा विधायकों पर भड़कीं आनंदीबेन पटेल | UP Politics News
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के संयुक्त सत्र में सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण विपक्ष के शोर-शराबे और सरकार विरोधी नारेबाजी की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच राज्यपाल ने अभिभाषण में अपनी सरकार की प्राथमिकताएं गिनवाईं और सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सपा विधायकों को तीन बार कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने पहले उन्हें शांत होकर सीट पर बैठने को कहा लेकिन सपा सदस्यों ने ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे जारी रखे।
राज्यपाल ने सरकार की आर्थिक स्थिति व निर्यात आदि का जिक्र करते हुए सपा सदस्यों को आईना दिखाया और कहा कि आपकी सरकार में तो विकास जीरो था। इसके बाद भी सपा सदस्य शांत नहीं हुए। उन्होंने एक बार फिर सपा सदस्यों को टोका लेकिन वे अपनी सीटों पर वापस नहीं गए। नतीजतन, राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जैसे-तैसे पूरा किया। इसमें करीब 30 मिनट का समय लगा।
विधानमंडल के संयुक्त सत्र की शुरुआत से पहले ही सपा विधायकों ने विधानसभा के मुख्य भवन के बाहर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ का विरोध करते हुए सपा सदस्य अपने हाथों में अहिल्याबाई होल्कर का चित्र लिए थे। साथ में उनके हाथ में सरकार विरोधी नारेबाजी लिखी तख्तियां भी थीं।
इस बीच, 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई और राज्यपाल आनंदीबेन के आगमन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के साथ विधान परिषद के सभापति उन्हें विधानसभा के मंडल तक लेकर आए। राज्यपाल ने जैसे ही अभिभाषण शुरू किया विपक्ष के सदस्य वेल में उतर आए। सपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे लगाए। साथ में ‘दलितों, अल्पसंख्यकों की हत्यारी है भाजपा…एकजुट हो गई जनता सारी, पीडीए के आगे भाजपा हारी…और एसआईआर की साजिश फार्म-7 बना हथियार, विकास के नाम पर विनाश भाजपा से कोई नहीं आस…’ जैसे नारे जोरदार ढंग से लगाना शुरू कर दिया।
