PFC और REC के विलय पर विचार, बजट घोषणा के बाद बढ़ी हलचल (PFC REC merger)
केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने की अपनी योजना के तहत पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और उसकी अनुषंगी कंपनी आरईसी लिमिटेड के विलय पर विचार कर रही है। यह कदम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट में इन कंपनियों के पुनर्गठन के प्रस्ताव के बाद उठाया जा रहा है।
पीएफसी और आरईसी दोनों ही देश में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण परियोजनाओं के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बजट में पुनर्गठन की घोषणा के बाद, दोनों कंपनियों के शेयरों में उछाल देखा गया, जिससे बाजार में इस संभावित विलय को लेकर सकारात्मक संकेत मिले।
सूत्रों के अनुसार, पुनर्गठन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में पीएफसी और आरईसी के बीच विलय हो सकता है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाएगा। विलय के तौर-तरीकों पर बिजली मंत्रालय को काम करना होगा।
यह पहली बार नहीं है जब दोनों कंपनियों के विलय की बात हो रही है। इससे पहले मार्च 2019 में, पीएफसी ने सरकार से आरईसी लिमिटेड में बहुमत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। उस समय भी दोनों कंपनियों के पूर्ण विलय की उम्मीद थी, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी।
