कानपुर में ई-ऑटो चालकों का हल्लाबोल, ट्रैफिक पुलिस के नए नियम का विरोध; जानिए क्या है पूरा मामला
कानपुर में ट्रैफिक पुलिस के नए नियम के खिलाफ रविवार को सैकड़ों ई-ऑटो चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। चालकों ने निरालानगर स्थित रेलवे ग्राउंड में अपने वाहन खड़े कर दिए और चक्का जाम कर दिया। चालकों ने ट्रैफिक पुलिस के नियम को “तुगलकी फरमान” बताते हुए नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
यह विरोध प्रदर्शन ट्रैफिक पुलिस द्वारा आगामी 10 फरवरी से लागू किए जाने वाले नए नियम के खिलाफ है। इस नियम के तहत, ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों को अपने निवास स्थान से केवल 3-4 किमी के दायरे में ही वाहन चलाने की अनुमति होगी। ट्रैफिक पुलिस ने कमिश्नरेट को सात जोन में बांटा है ताकि ई-रिक्शा और ई-ऑटो की मनमानी पर रोक लगाई जा सके।
चालकों का कहना है कि यह नियम पूरी तरह से अव्यावहारिक है। अजय पाठक और अभिषेक दास जैसे चालकों ने बताया कि इस नियम से वे ओला और ऊबर जैसी ऑनलाइन कंपनियों की सवारी नहीं ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि घर में कोई बीमार हो जाए तो वे उसे अस्पताल तक भी नहीं ले जा सकते, क्योंकि ऐसा करने पर उनकी गाड़ी सीज कर दी जाएगी। चालकों ने पहले 120 रुपये का क्यूआर कोड लगवाने की बात भी याद दिलाई, जिसके लिए उन्होंने पैसे जमा किए थे, लेकिन वह व्यवस्था ठप हो गई।
इस मामले पर ट्रैफिक पुलिस के एडीसीपी राजेश पांडेय ने कहा कि ई-ऑटो और ई-रिक्शा की अराजकता के कारण शहर का ट्रैफिक चौपट हो चुका है। उन्होंने कहा कि बिना परमिट के पूरे शहर में घूमने से ट्रैफिक व्यवस्था खराब होती है, इसलिए यह नया नियम लाया गया है। उन्होंने चालकों को ट्रैफिक लाइन से निशुल्क क्यूआर कोड कूपन प्राप्त कर गाड़ी चलाने की सलाह दी।
