पटना की हवा का हाल: तारामंडल के पास सबसे स्वच्छ, समनपुरा में सबसे ज्यादा प्रदूषण
पटना में वायु गुणवत्ता की स्थिति अलग-अलग इलाकों में काफी भिन्न पाई गई है। शहर के तारामंडल के पास का AQI 84 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। इसके विपरीत, समनपुरा का इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, जहां का AQI 187 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
बिहार प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के आंकड़ों के अनुसार, पूरे प्रदेश में भी स्थिति अलग-अलग रही। हाजीपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक सर्वाधिक 195 दर्ज किया गया, जबकि छपरा की हवा प्रदेश में सबसे स्वच्छ रही, जहां का AQI 53 दर्ज किया गया। मंगलवार को पटना सहित 14 जिलों की हवा मध्यम प्रदूषित श्रेणी में रही।
मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पछुआ हवा की गति में वृद्धि होने के साथ हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हो रहा है। हालांकि, सर्द दिनों में वायु की गुणवत्ता घटती-बढ़ती रहती है। तापमान कम होने के कारण हवा का घनत्व बढ़ता है, जिससे प्रदूषित हवा नीचे रह जाती है और धुंध की तरह दिखती है। कोहरे के साथ प्रदूषण और खतरनाक गैस मिलकर मिश्रण बनाते हैं।
प्रदूषण के कारणों में भौगोलिक संरचना का असर भी शामिल है। मिट्टी ठोस नहीं होने के कारण हवा में धूलकण की मात्रा इस मौसम में अधिक हो जाती है। इसके अलावा, पश्चिमी हवा में व्याप्त धूलकणों और अलग-अलग जगहों पर हो रहे निर्माण कार्य के कारण भी हवा का स्तर खराब होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने से हवा को स्वच्छ रखा जा सकता है।
