डेंगू से मिलेगी मुक्ति! पटना में शुरू हुआ स्वदेशी वैक्सीन का बड़ा ट्रायल, जानें कब तक आएगी दवा
पटना में डेंगू के स्वदेशी वैक्सीन का परीक्षण राजेंद्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान (RMRIMS) में चल रहा है। डेंगू के इलाज के लिए अब तक कोई विशेष दवा नहीं है, और चिकित्सक केवल सपोर्टिव ट्रीटमेंट करते हैं। ऐसे में, यह स्वदेशी वैक्सीन एक बड़ी उम्मीद लेकर आई है।
अगमकुआं स्थित RMRIMS में 18 से 60 वर्ष के स्वस्थ व्यक्तियों पर इस वैक्सीन का परीक्षण किया जा रहा है। वैज्ञानिकों की टीम इस काम में दिन-रात लगी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के नेतृत्व में नई दिल्ली के पैनेस बायोटेक द्वारा यह वैक्सीन विकसित किया गया है।
RMRIMS के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडेय ने बताया कि यह परीक्षण पटना समेत देश के 19 केंद्रों पर जारी है, जिसमें अगमकुआं केंद्र पर चार सौ स्वस्थ व्यक्तियों पर ट्रायल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो साल के ट्रायल से आने वाले नतीजों के बाद देश में विकसित डेंगू का वैक्सीन मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
RMRIMS में डेंगू के अलावा कालाजार और मलेरिया पर भी महत्वपूर्ण शोध चल रहा है। कालाजार मरीजों के लिए एलएक्सई 408 टैबलेट का ट्रायल 105 मरीजों पर किया जा रहा है। डॉ. पांडेय ने बताया कि 2026 के अंत तक भारत को कालाजार मुक्त होने का प्रमाण पत्र मिल जाएगा। मलेरिया के प्रसार को रोकने के लिए भी RMRIMS में प्रवासी मजदूरों के नमूनों पर जांच व शोध किया जा रहा है।
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