बिहार विधानसभा का नया सत्र: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पटना में धारा 163 लागू
बिहार विधानसभा का पहला सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 5 दिसंबर तक चलेगा। इस महत्वपूर्ण सत्र के सुचारू संचालन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस सत्र के दौरान कुल 800 पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 8 क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) सक्रिय रहेंगी। पूरे विधानसभा परिसर की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है।
शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने स्वयं विधानसभा परिसर का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक संयुक्त ब्रीफिंग भी की, जिसमें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना वैध प्रवेश पत्र के किसी भी व्यक्ति या वाहन को विधानसभा और सचिवालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सत्र शुरू होने से एक घंटे पहले अपने निर्धारित स्थल पर उपस्थित हों और सत्र की समाप्ति तक ड्यूटी पर बने रहें। यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति परिसर में प्रवेश करता है, तो इसके लिए संबंधित दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
यातायात व्यवस्था और परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सत्र के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इस दौरान, अनुमंडल पदाधिकारी और डीएसपी सचिवालय क्षेत्र की समूची विधि-व्यवस्था के प्रभारी होंगे। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सत्र बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
