यूपी की 7 विधानसभा सीटों पर 5 लाख मतदाता ‘लापता’, चुनाव से पहले बड़ा सवाल
कानपुर में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (SIR) ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। भाजपा उत्तर और दक्षिण जिलों के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों पर लगभग 5 लाख मतदाता ‘लापता’ पाए गए हैं। यह संख्या उन मतदाताओं की है जो या तो ‘अनट्रेसेबल अबसेंट’ (पता न लगने वाले अनुपस्थित) हैं या ‘परमानेंटली शिफ्ट’ (स्थायी रूप से स्थानांतरित) हो चुके हैं। यह गंभीर विसंगति चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
रविवार को क्षेत्रीय कार्यालय में भाजपा की बैठक हुई, जिसमें महानगर प्रभारी पंकज सिंह ने एसआइआर अभियान की समीक्षा की। बैठक में यह बात सामने आई कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 60 से 70 हजार मतदाता नहीं मिल रहे हैं। पंकज सिंह ने कार्यकर्ताओं से अभियान में तेजी लाने को कहा, लेकिन बैठक में ही काफी समय बीत जाने पर कुछ नेताओं ने नाराजगी भी जताई।
इस बीच, आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची की मैपिंग में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर नगर मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एवं निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने 27 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समीक्षा में पाया गया कि बार-बार निर्देशों के बावजूद बीएलओ ने निर्धारित मानक के अनुसार काम पूरा नहीं किया। अधिकांश बीएलओ की प्रगति 90 से 96 प्रतिशत के बीच अटकी हुई है, जो चिंताजनक है।
यह घटनाक्रम आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की पवित्रता और सटीकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 5 लाख मतदाताओं का लापता होना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर सकता है। प्रशासन ने अब सख्ती दिखाते हुए बीएलओ को जल्द से जल्द त्रुटियां सुधारने का निर्देश दिया है।
