होली पर UP में 265 मौतें, लापरवाही से मातम में बदली खुशियां | UP accident news
होली के त्योहार के दौरान उत्तर प्रदेश की सड़कों पर भीषण दुर्घटनाओं का सिलसिला चला, जिसमें 265 लोगों की असमय मौत हो गई। इन हादसों में 650 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड घायलों से भरे पड़े हैं। पुलिस प्रशासन ने इन हादसों के पीछे की मुख्य वजहों की पहचान की है, जिसमें शराब पीकर गाड़ी चलाना, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी शामिल है। त्योहार के उत्साह में लोगों ने सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया, जिसका परिणाम भयावह रहा।
लखनऊ और पूर्वांचल में सबसे ज्यादा कहर
राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिलों में हादसों ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया, जहां कुल 64 लोगों की जान चली गई। लखनऊ और सीतापुर में 9-9 लोगों की मौत हुई, जबकि बहराइच और बाराबंकी में 8-8 लोगों ने दम तोड़ा। अमेठी, गोंडा, रायबरेली और सुलतानपुर जैसे जिलों में भी कई परिवारों के चिराग बुझ गए। पूर्वांचल के गोरखपुर क्षेत्र में भी होली का जश्न मातम में बदल गया, जहां कुल 38 मौतें हुईं। इनमें अकेले गोरखपुर जिले में 11 लोगों की जान गई। कानपुर और आसपास के जिलों में भी लगभग 40 लोगों की मौत की खबर है।
नियमों की अनदेखी बनी जानलेवा
पुलिस प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान बार-बार चेतावनी के बावजूद लोगों ने यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं। बिना हेलमेट, तीन सवारी और शराब के नशे में ड्राइविंग करने के कारण यह भीषण आंकड़े सामने आए हैं। अधिकांश दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों की भिड़ंत या अनियंत्रित होकर पेड़ और खंभों से टकराने के कारण हुईं। कई जगहों पर देर रात हुई भिड़ंत के कारण घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ गया। प्रशासन अब इन हादसों के कारणों की विस्तृत समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य में त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा सके।
