KGMU में खून का संकट, ‘Lucknow news’ में मरीजों की बढ़ी मुश्किलें; ऑपरेशन टले
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में इन दिनों खून की भारी कमी से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल में गंभीर मरीजों के ऑपरेशन टालने पड़ रहे हैं, जिससे तीमारदारों में चिंता है। यह संकट खासकर ए पॉजिटिव और एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप के लिए गहराया है। KGMU प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए आम लोगों से रक्तदान की अपील की है।
KGMU के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के अनुसार, बीते साल तक अस्पताल में औसतन 3500 से 4000 यूनिट खून का स्टॉक रहता था। मौजूदा समय में यह घटकर लगभग 2000 यूनिट रह गया है। अस्पताल में रोजाना करीब 250 से 300 यूनिट खून की खपत होती है। पिछले 20 दिनों से ए और एबी पॉजिटिव ग्रुप के खून की मांग (60-70 यूनिट प्रतिदिन) की तुलना में आपूर्ति (20-30 यूनिट प्रतिदिन) काफी कम हो गई है।
इस कमी के कारण कई मरीजों के ऑपरेशन टालने पड़े हैं। तीमारदार अब निजी ब्लड बैंकों से महंगे दामों पर खून खरीदने को मजबूर हैं। अस्पताल प्रशासन ने इस संकट को देखते हुए स्वैच्छिक रक्तदान पर जोर दिया है। ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डॉ. तूलिका चन्द्रा ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ए और एबी पॉजिटिव है, वे आगे आकर रक्तदान करें। एक व्यक्ति का रक्तदान तीन मरीजों की जिंदगी बचा सकता है।
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि 18 से 65 वर्ष के स्वस्थ लोग रक्तदान कर सकते हैं, जिनका वजन कम से कम 50 किलोग्राम हो और हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम से अधिक हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाएं, एचआईवी या हेपेटाइटिस बी/सी संक्रमित मरीज, हाल ही में बड़ी सर्जरी कराने वाले लोग और अत्यधिक एनीमिया वाले व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकते हैं। इच्छुक दानदाता KGMU के शताब्दी भवन स्थित ब्लड बैंक में संपर्क कर सकते हैं।
