KGMU धर्मांतरण कांड में जाकिर नाइक कनेक्शन, गैंग के पास से मिलीं किताबें और वीडियो
लखनऊ के केजीएमयू धर्मांतरण मामले में जांच एजेंसियां बड़े पैमाने पर सक्रिय धर्मांतरण गिरोहों की जड़ों को खंगाल रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस मामले के आरोपी भी आगरा में पकड़े गए धर्मांतरण गैंग की तरह ही विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के वीडियो से प्रेरित थे। आगरा गैंग के पास से मौलाना कलीम सिद्दीकी की विवादित पुस्तकें और जाकिर नाइक के भड़काऊ वीडियो मिले थे। लखनऊ मामले में भी एसटीएफ की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि ये गिरोह भारत में बड़े स्तर पर सक्रिय हैं और इनका निशाना हिंदू युवतियां हैं। ब्रेनवाशिंग के बाद धर्मांतरण कराया जाता है और फिर उन्हें गिरोह में शामिल कर नई जिम्मेदारियां दी जाती हैं। आगरा धर्मांतरण गैंग का मकसद ‘गजवा-ए-हिंद’ की परिकल्पना को साकार करना था, जिसके तार पाकिस्तान से भी जुड़े थे। इस गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान कुरैशी था, जो पहले ईसाई और फिर मुस्लिम बना था।
केजीएमयू मामले के मुख्य आरोपी डॉ. रमीज के मोबाइल में भी जाकिर नाइक के विवादित वीडियो पाए गए हैं, जो आगरा पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल से मिले वीडियो के समान हैं। इस खुलासे के बाद एसटीएफ ने एसएन मेडिकल कॉलेज में 2012 से अब तक पढ़ाई करने वालों की सूची मांगी है, ताकि डॉक्टर रमीज के करीबियों की पहचान कर उनसे पूछताछ की जा सके। कई डॉक्टर और कर्मचारी जांच से बचने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ रहे हैं और अपने मोबाइल फॉर्मेट कर रहे हैं।
