लखनऊ में ‘Chinese Manjha’ से फिर कटा युवक का गला, सुरक्षा पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को कैंट इलाके में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक बाइक सवार युवक की गर्दन धारदार चाइनीज मांझे से कट गई। इस हादसे ने प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण न होने पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इंदिरानगर निवासी ध्रुव नारायण पांडेय अपने दोस्त के साथ बाइक से बंगला बाजार गए थे। शाम को लौटते समय कैंट क्षेत्र में अचानक सड़क पर उड़ रहा ‘Chinese Manjha’ उनके गले में फंस गया। तेज रफ्तार के कारण मांझे की धार ने उनकी गर्दन को गहराई तक काट दिया, जिससे ध्रुव का संतुलन बिगड़ गया और बाइक गिर गई। इस हादसे में उनके दोस्त को भी मामूली चोटें आईं।
तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, डॉक्टरों ने बचाई जान
हादसे के बाद ध्रुव के गले से तेजी से खून बहने लगा। आसपास मौजूद राहगीरों ने तुरंत मदद करते हुए दोनों घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने ध्रुव की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल इलाज शुरू किया और उनकी गर्दन में छह टांके लगाए। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने से एक बड़ी अनहोनी टल गई, क्योंकि चोट गले के संवेदनशील हिस्से पर लगी थी। प्राथमिक उपचार के बाद ध्रुव को घर भेज दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
कैंट इंस्पेक्टर गुरप्रीत कौर ने बताया कि फिलहाल इस मामले में थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, शहर में चाइनीज मांझे से होने वाली घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें 11 दिसंबर को एक युवक की गर्दन में सात टांके लगे थे। सबसे गंभीर घटना 4 फरवरी को हुई थी, जब एमआर मोहम्मद शोएब की गर्दन मांझे से कटने के कारण मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री ने दिए हैं सख्त निर्देश
चाइनीज मांझे से हो रही दुर्घटनाओं और मौतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएम ने कहा है कि यदि चाइनीज मांझे से किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो ऐसे मामलों को गंभीर अपराध मानते हुए हत्या या गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदेशभर में प्रतिबंधित मांझे की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद ऐसी घटनाओं का लगातार सामने आना प्रशासनिक ढिलाई को दर्शाता है।
