दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेप का नया संशोधित प्लान लागू | national news
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के मौसम में गहराने वाले वायु प्रदूषण की समस्या से कड़ाई से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी सीएक्यूएम ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का नया संशोधित संस्करण लागू कर दिया है। इस बार प्रदूषण बढ़ने पर अचानक प्रतिक्रिया देने के बजाय एक्यूआई के विभिन्न स्तरों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पाबंदियां लगाने की व्यवस्था की गई है, जिससे आम जनता को पहले से सतर्क किया जा सके।
नए प्लान के तहत वायु गुणवत्ता सूचकांक को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। एक्यूआई 201 से 300 तक खराब श्रेणी, 301 से 400 तक बहुत खराब श्रेणी, 401 से 450 तक गंभीर श्रेणी और 450 से ऊपर के स्तर को गंभीर प्लस श्रेणी माना गया है। हर चरण के लिए कुल 48 एक्शन पॉइंट तय किए गए हैं, जिनमें निर्माण कार्यों पर रोक, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और यातायात नियंत्रण जैसे उपाय शामिल हैं।
प्रदूषण के बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचने की स्थिति में जनजीवन को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर समेत दिल्ली के स्कूलों में पांचवीं से लेकर ग्यारहवीं तक की कक्षाओं को जरूरत के मुताबिक हाइब्रिड या ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट किया जा सकेगा। इसके अलावा, सरकारी और निजी दफ्तरों में पचास प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सके। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सर्दियों के दौरान जहरीली हवा के प्रकोप को कम करना और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
