पटना के जाम से मिलेगी मुक्ति! 3,300 कैमरों से होगी रियल टाइम निगरानी, नियम तोड़ा तो कटेगा चालान
पटना में जाम और अतिक्रमण की समस्या से निजात पाने के लिए 3,300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से रियल टाइम निगरानी शुरू की गई है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा यह पहल राजधानी को जाम व अतिक्रमण से राहत दिलाने के साथ सड़क यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए की गई है। अब बेतरतीब ढंग से चलने वाले वाहनों, अवैध पार्किंग, बस–ऑटो के अवैध ठहराव व ओवरस्पीडिंग पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड के लगभग 415 स्थानों पर लगे 2,602 सीसीटीवी सर्विलांस कैमरा; 473 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) कैमरा; 150 आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन (एएनपीआर) कैमरा; 12 स्पीड वायलेशन डिटेक्शन (एसवीडी) कैमरा व 120 ह्वीकल डिटेक्शन एंड क्लासिफिकेशन (वीडीसी) कैमरों को सक्रिय किया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिला परिवहन पदाधिकारी उपेंद्र पाल को इन 3300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सीसीटीवी से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर स्वतः चालान व दंड प्रक्रिया सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
साथ ही उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को अवैध पार्किंग, बस-आटो के अवैध ठहराव व ओवर स्पीडिंग के विरुद्ध नियमित स्पेशल ड्राइव चलाकर नियम तोड़ने वालों पर आर्थिक दंड लगाने का निर्देश दिया है। यातायात सुचारु रखने को 69 स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के तहत नियमित घोषणाएं की जा रही हैं।
डॉ. त्यागराजन एसएम ने अधिकारियों को मल्टी-माडल हब से वाहनों के व्यवस्थित संचालन, यात्री सुविधाओं व बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पटना पूर्वी व उत्तर-पूर्वी भारत का गेटवे है इसलिए यहां उच्च तकनीक आधारित यातायात प्रबंधन जरूरी है। सुचारु यातायात शहर की आर्थिक वृद्धि, सुरक्षा व नागरिकों के जीवनस्तर में सुधार का साधन है। ऐसे में तकनीक आधारित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) को और प्रभावी बनाना आवश्यक है।
