मांगें पूरी न होने पर यूपी रोडवेज का चक्का जाम, कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कानपुर में क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) महेश कुमार को घेरकर एक-एक बिंदु पर चर्चा की। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यात्री लोड कम होने पर कंडक्टर को दोषी ठहराना तानाशाही है, क्योंकि कंडक्टर से कैश जमा नहीं कराया जाता और किसी दुर्घटना की स्थिति में उन पर कार्रवाई होगी। यह रवैया असहनीय है और यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो बसों का चक्का जाम करने की मजबूरी होगी।
यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष शिवम त्रिपाठी ने आरएम से संविदा चालकों, परिचालकों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का भुगतान समय पर करने का आग्रह किया। उन्होंने सेवा प्रबंधक को निर्देशित करने की मांग की कि समय पर कलपुर्जे उपलब्ध कराए जाएं और डीजल कटौती तत्काल रोकी जाए। इसके अलावा, पदाधिकारियों का स्थानांतरण तत्काल रोका जाए और नियमित चालकों को मार्ग पर भेजा जाए। जिन बसों का कार्य ठेकेदार कर रहा है, उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष शिवम त्रिपाठी के साथ गया प्रसाद पांडे, अनिल शुक्ल, संतोष अवस्थी, राजेश अवस्थी, मकबूल ख़ान, अवनीश कुमार, अशोक सेंगर, योगेश शुक्ल और विवेक कुमार मौजूद रहे। इस प्रदर्शन से यात्रियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए, प्रशासन पर मांगों को जल्द पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।
