UP Panchayat Election: पंचायत चुनाव से पहले बड़ी गड़बड़ी, प्रधान-सदस्यों की संख्या में अंतर
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच एक बड़ी प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आई है। पंचायती राज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्यों के पदों का वार्डवार परिसीमन किया था। परिसीमन के बाद इन पदों की संख्या को पोर्टल पर फीड किया गया, लेकिन अब यह मामला सामने आया है कि कई जिलों ने ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या गलत भर दी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अब जिलों की ओर से की गईं विसंगतियों का मिलान कर उन्हें ठीक किया जाएगा। पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्यों की संख्या आयोग को भेजी थी। जब आयोग ने इस डेटा का मिलान किया, तो कई जिलों द्वारा पोर्टल पर भरी गई संख्या में अंतर पाया गया।
इस गड़बड़ी को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे पंचायती राज विभाग की ओर से भेजी गई जिलावार पदों की सूची से मिलान कर सही संख्या भरें। यह सुधार चुनाव की अंतिम तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
यूपी में पंचायत चुनाव मई तक कराए जाने का प्रस्ताव है। उसकी तैयारियां चल रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम मतदाता सूची 28 मार्च को जारी की जाएगी। वार्डों के परिसीमन के बाद ग्राम प्रधानों के 57495 पद, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 75845 पद, ग्राम पंचायत सदस्यों के 732643 पद और जिला पंचायत सदस्यों के 3050 पद होंगे। पिछले चुनाव के मुकाबले ग्राम प्रधानों के 504 पद कम हुए हैं।
