यूपी सरकार छावनी क्षेत्रों के विलय के पक्ष में नहीं, वित्त मंत्री ने बताई वजह
उत्तर प्रदेश सरकार छावनी क्षेत्रों को नगर निगमों में मिलाने के बजाय उनकी अलग पहचान और व्यवस्था बनाए रखने के पक्ष में है। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ एक बैठक में यह बात कही। उन्होंने तर्क दिया कि कैंटोनमेंट क्षेत्र एक पृथक वैधानिक व्यवस्था के तहत संचालित होते हैं और सुव्यवस्थित, स्वच्छ तथा अनुशासित होते हैं। इन्हें नगर निगमों में शामिल करना अनावश्यक, अव्यावहारिक होगा और इससे प्रशासनिक जटिलताएं उत्पन्न होंगी।
इस बैठक में वित्त मंत्री ने भारतीय रेल की अनुपयोगी या अवैध कब्जे वाली जमीन को जनहित में उपयोग करने की राज्यों को सरल अनुमति देने की भी मांग की। उन्होंने प्रदेश की पुलिस इकाइयों में ‘एकीकृत शस्त्र एवं गोला बारूद प्रबंधन प्रणाली’ की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि शस्त्रों और गोला-बारूद का वैज्ञानिक, सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रदेश में सौर अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से सहायता मांगी। आयुद्ध निर्माणी इकाइयों के संसाधनों का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने और रोजगार बढ़ाने के लिए उन्होंने शीघ्र नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की, ताकि इन इकाइयों को पर्याप्त वर्क ऑर्डर मिल सकें।
