UP Exhibition News: जनभवन में बच्चों ने देखा 1947 का सिक्का, सिक्कों का संसार देखकर हुए अचंभित
उत्तर प्रदेश के जनभवन में 6 फरवरी से आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी और पुष्प प्रदर्शनी के तीसरे दिन रविवार को करीब डेढ़ लाख लोग पहुंचे। छुट्टी का दिन होने के कारण सुबह से ही प्रदर्शनी पहुंचने वालों की भीड़ जुटने लगी और देखते-देखते दोपहर 12 बजे परिसर दर्शकों से भर गया। प्रदर्शनी देखने वालों में सबसे ज्यादा बच्चों की संख्या रही, जिन्होंने पार्क में खेलकूद करने के साथ ही हर स्टॉल को नजदीक से देखा।
बच्चों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण जनभवन के भीतर लगाई गई सिक्कों की प्रदर्शनी रही। यहां बच्चों ने पहली बार 1947 में ढाला गया एक पैसे का सिक्का देखा। अभिभावकों ने बच्चों को बताया कि हमारे समय पर एक पैसे की भी कीमत रही। प्रदर्शनी में 1950 से 2024 के बीच जारी किए गए सिक्के भी थे, जिन्हें देखकर बच्चे अचंभित रह गए। लोगों ने दुर्लभ सिक्कों के साथ फोटो खिंचवाकर भारतीय सिक्कों के इतिहास को याद किया।
प्रदर्शनी में प्राकृतिक फूलों से बनी अद्भुत और मनोहारी आकृतियों ने भी सभी का ध्यान खींचा। इनमें ऑपरेशन सिंदूर, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत, भारत के संविधान की प्रतिकृति, नंदी एवं शिवलिंग सबसे ज्यादा देखे गए। इसके अलावा, सेना की ओर से रक्षा उपकरणों व ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि तकनीकों और कृषि नवाचारों ने भी लोगों को आकर्षित किया।
प्रदर्शनी में स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया था, जहां दूरदराज से आए किसानों के अलावा दर्शकों ने भी स्वास्थ्य की जांच कराई। शिविर में नेत्र रोग, अस्थि रोग, स्त्री रोग, दंत रोग, रक्त जांच, कैंसर स्क्रीनिंग और टीबी की जांच की गई। प्रदर्शनी का समापन 9 फरवरी को दोपहर तीन बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। इस दौरान डाक विभाग समेत विभिन्न वर्गों की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।
