UP Crime News: डीजीपी बनकर थाने को भेजा फर्जी मेल, वसूली की कोशिश में गैंगस्टर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पुलिस थाने से ही अवैध वसूली की कोशिश का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक शातिर अपराधी ने खुद को डीजीपी (DGP) बताते हुए गोरई थाने की आधिकारिक मेल आईडी पर फर्जी मेल भेजा। इस मेल में थाने की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई। आरोपी का मकसद पुलिसकर्मियों को डराकर उनसे अवैध वसूली करना था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गोरई थाने के कंप्यूटर ऑपरेटर ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 2 फरवरी को दोपहर 3:16 बजे डीजीपी राजीव कृष्ण के नाम से एक जीमेल आईडी (आईपीएसराजीवकृष्ण) से मेल आया। मेल में लिखा था कि पुलिस महानिदेशक कार्यालय को थाने से संबंधित गंभीर गोपनीय सूचनाएं मिली हैं, जिनमें कानून व्यवस्था के निर्वहन में लापरवाही, अवैध वसूली और दलालों की संलिप्तता पाई गई है। मेल में आगे कहा गया कि थाने की समस्त गतिविधियां निगरानी में हैं और यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो निलंबन सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मेल को अंतिम चेतावनी बताते हुए अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय से संपर्क किया। मुख्यालय ने ऐसे किसी मेल के भेजे जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद थानाध्यक्ष गोरई ने तकनीकी जांच कराई, जिसमें पता चला कि यह मेल कस्बे के नवनीत अग्रवाल ने अपने मोबाइल से भेजा था। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने नवनीत को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने थाना गोरई को डराने के उद्देश्य से यह कृत्य किया था। उसे लगा कि थाना प्रभारी भय में आकर खुद उससे संपर्क करेंगे, जिसके बाद वह अवैध वसूली करता। आरोपी नवनीत अग्रवाल पर पहले से ही चार मुकदमे दर्ज हैं और वह बुलंदशहर से गैंगस्टर भी रह चुका है। इसके अलावा वह परीक्षाओं में साल्वर गैंग का भी सदस्य रहा है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
