उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने Kuldeep Sengar bail पर लगाई रोक, जेल में ही रहेगा पूर्व विधायक
सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस के दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें सेंगर को जमानत दी गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेंगर को फिलहाल जेल से रिहा नहीं किया जाएगा। वह पहले से ही एक अन्य मामले में सजा काट रहा है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह मामला कानून के महत्वपूर्ण सवालों से जुड़ा है। कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि सेंगर पहले से ही आईपीसी की धारा 304 पार्ट II के तहत दोषी ठहराया गया है और उस आधार पर हिरासत में है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आमतौर पर वह हाई कोर्ट के जमानत आदेशों पर रोक नहीं लगाता, लेकिन यह मामला “असामान्य तथ्यों” पर आधारित है।
यह मामला 2017 का है जब उन्नाव जिले में एक नाबालिग लड़की ने तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था। इस मामले ने देशव्यापी आक्रोश पैदा किया था क्योंकि आरोप लगे थे कि पुलिस ने शुरू में एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया था और पीड़िता व उसके परिवार को धमकियां दी जा रही थीं।
अप्रैल 2018 में पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया था। व्यापक विरोध और मीडिया कवरेज के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई। सुप्रीम कोर्ट ने बाद में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए मामले को उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया था। 2019 में दिल्ली की एक अदालत ने सेंगर को रेप का दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसे पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत और गवाहों को प्रभावित करने के संबंधित मामलों में भी दोषी ठहराया गया था।
