दिल्ली-एनसीआर में 2025 में ‘Severe+’ AQI के दो दिन, सरकारी डेटा ने मंत्री के दावे को किया खंडित
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के इस दावे के विपरीत कि 2025 में दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 से ऊपर दर्ज नहीं किया गया, सरकारी निगरानी स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों ने एक अलग तस्वीर पेश की है। डेटा के अनुसार, नोएडा और दिल्ली दोनों ने दिसंबर 2025 में ‘Severe+’ वायु प्रदूषण के दिन देखे, जिससे मंत्री के बयान पर सवाल उठ रहे हैं।
मंत्री ने राज्यसभा में कहा था कि ग्रैप्ड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत 2025 में दिल्ली-एनसीआर में AQI 450 के पार नहीं गया। उन्होंने यह भी बताया कि 200 से नीचे AQI वाले दिनों की संख्या बढ़ी है और दिल्ली का औसत AQI भी सुधरा है।
हालांकि, इंडिया टुडे द्वारा एक्सेस किए गए सरकारी वायु गुणवत्ता डेटा से पता चलता है कि नोएडा में दिसंबर 2025 में तीन दिन AQI 450 से ऊपर था, जिसमें 13 दिसंबर को 455 और 14 दिसंबर को 466 दर्ज किया गया। इसी अवधि में दिल्ली का AQI भी गंभीर था, जो 13 दिसंबर को 461 तक पहुंच गया था। GRAP के मानदंडों के अनुसार, 450 से ऊपर का AQI ‘Severe+’ श्रेणी में आता है।
यह विसंगति इस बात पर सवाल उठाती है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) स्तर पर प्रदूषण के स्तर को कैसे समेकित और रिपोर्ट किया जा रहा है, खासकर जब नोएडा जैसे प्रमुख शहरी केंद्र गंभीर प्रदूषण की रिपोर्ट कर रहे हैं। लोगों पर ऐसे गंभीर वायु प्रदूषण का सीधा असर पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
