लखनऊ में ‘ODOD’ योजना के लिए चाट और रेवड़ी में कांटे की टक्कर, Lucknow food news में कौन बनेगा विजेता?
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOD) योजना के तहत लखनऊ के मुख्य व्यंजन के चयन की प्रक्रिया ने स्थानीय खाद्य प्रेमियों और व्यापारियों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। नवाबों के शहर लखनऊ में, जहां खान-पान की सदियों पुरानी विरासत है, इस योजना के तहत जिले के आधिकारिक व्यंजन के लिए दो प्रमुख दावेदारों – चाट और रेवड़ी – के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। जिला उद्योग विभाग ने इन व्यंजनों के प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं, जिनका उद्देश्य न केवल स्थानीय जायके को बढ़ावा देना है, बल्कि वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग के जरिए रोजगार के अवसर भी पैदा करना है।
‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) की सफलता के बाद, योगी सरकार ने स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान देने के लिए ODOD योजना शुरू की है। इस योजना का लक्ष्य हर जिले के एक विशिष्ट पारंपरिक व्यंजन को चिन्हित कर उसे वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। लखनऊ के लिए यह चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्टूबर 2025 में यूनेस्को ने इसे ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ घोषित किया था। यह घोषणा लखनऊ की अवधी खानपान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक रही है।
जिला उद्योग विभाग के उपायुक्त के अनुसार, चयन प्रक्रिया में उन व्यंजनों को प्राथमिकता दी जाएगी जो बड़ी संख्या में रोजगार सृजन कर सकें। रेवड़ी उद्योग से लखनऊ में 20 हजार से अधिक लोग जुड़े हुए हैं, जो इसे एक मजबूत दावेदार बनाता है। रेवड़ी को सर्दियों की पहचान और टिकाऊ ‘गिफ्ट आइटम’ के रूप में देश-दुनिया में भेजा जाता है। वहीं, चाट लखनऊ की शामों की रूह मानी जाती है और ‘स्ट्रीट फूड कल्चर’ को वैश्विक पहचान देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एक जिला एक व्यंजन’ का खिताब उसी को मिलेगा जो स्वाद, आर्थिक पैमाने और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन पर खरा उतरेगा। फिलहाल, यूनेस्को की मुहर लगने के बाद लखनऊ की गलियों में यह चर्चा तेज़ है कि ‘नवाबों के शहर’ का आधिकारिक स्वाद मीठा (रेवड़ी) होगा या चटपटा (चाटिक्की चाट)।
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