CM Yogi Adityanath की पहल से 19 साल बाद सुन सकी खुशी, ‘धन्यवाद योगी जी’ बोले पहले शब्द
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता के कारण 19 वर्षीय खुशी गुप्ता को नई जिंदगी मिली है। जन्म से मूक-बधिर रही खुशी अब न केवल सुन सकती है, बल्कि धीरे-धीरे बोलना भी शुरू कर चुकी है। उसके मुंह से निकले पहले शब्द थे, “धन्यवाद योगी जी।” खुशी के परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।
खुशी की मां गीता देवी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद परिवार की उम्मीदें और विश्वास और मजबूत हुए हैं। खुशी अब इशारों के बजाय शब्दों में अपनी बात कहने की कोशिश करती है और खाना भी मांगती है। परिवार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है, जिनकी पहल से यह संभव हो पाया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात और इलाज की शुरुआत
खुशी के पिता कल्लू गुप्ता ने बताया कि नवंबर 2025 में खुशी बिना बताए घर से निकल गई थी। दो दिन बाद लखनऊ से सूचना मिली कि खुशी पुलिस के पास है। पूछताछ में उसने स्केच आर्ट और इशारों के जरिए बताया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती है। 26 नवंबर 2025 को खुशी मुख्यमंत्री आवास पहुंची, जहां योगी आदित्यनाथ ने उसके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और इलाज, शिक्षा तथा परिवार के सहयोग के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर खुशी का इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों ने जांच के बाद कॉक्लियर इम्प्लांट की सलाह दी। फाउंडेशन और दिव्यांगजन अधिकारी के सहयोग से 26 जनवरी 2026 को खुशी का कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।
भविष्य की योजनाएं और स्पीच थेरेपी
डॉक्टरों के अनुसार, खुशी अब सुनने लगी है और टूटे-फूटे शब्दों में बोल रही है। उसे स्पीच थेरेपी दी जा रही है। उम्मीद है कि तीन महीने में वह स्पष्ट बोलने लगेगी और एक साल के भीतर सामान्य बच्चों की तरह बातचीत कर सकेगी। खुशी का सपना है कि वह भविष्य में पुलिस अफसर बने। परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से उनकी बेटी को नई जिंदगी मिली है।
