भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव: दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को किया तलब, क्या है वजह?
भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक तनाव चरम पर है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के उच्चायुक्तों को तलब किया है। भारत ने बांग्लादेश में भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई। वहीं, बांग्लादेश ने भारत में अपने मिशनों के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों पर आपत्ति दर्ज कराई। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच संबंधों में बढ़ती खटास को दर्शाता है।
भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया। यह एक हफ्ते में दूसरी बार हुआ है। भारत ने विशेष रूप से मैमन सिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र की मॉब लिंचिंग का मुद्दा उठाया। भारत ने बांग्लादेश से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। दीपू चंद्र की हत्या के विरोध में भारत में भी प्रदर्शन हुए। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, भोपाल और जम्मू में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर विरोध रैलियां निकालीं। VHP ने पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की।
दूसरी तरफ, बांग्लादेश ने भी भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया। बांग्लादेश ने भारत में अपने राजनयिक मिशनों पर हुए हमलों और विरोध प्रदर्शनों पर गहरी चिंता व्यक्त की। बांग्लादेश ने इन घटनाओं को “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि ये राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। बांग्लादेश ने आरोप लगाया कि भारत में रहकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना लगातार ऐसे बयान दे रही हैं, जिन्हें बांग्लादेश भड़काऊ माना जाता है।
