बिहार में 50 लाख करोड़ के निजी निवेश का लक्ष्य, सौर ऊर्जा पर जोर: उद्योग मंत्री
बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी पांच वर्षों में बिहार में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य राज्य सरकार की ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ की प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसरों का सृजन करना है।
मंत्री ने बताया कि औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जिनका उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का औद्योगिक केंद्र बनाना है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का भी उल्लेख किया।
वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के बीच, मंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर सौर ऊर्जा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2034-35 तक बिहार को लगभग 18,000 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी, और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की सीमाओं को देखते हुए सौर ऊर्जा अपनाना आवश्यक है। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 और नवीकरणीय ऊर्जा नीति के तहत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन, जैसे निःशुल्क औद्योगिक भूखंड, प्रदान किए जा रहे हैं।
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान ने भी सौर ऊर्जा को बिजली की बढ़ती मांग का स्थायी समाधान बताया और राज्य सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा नीति-2024 के तहत सोलर पावर प्रोजेक्ट्स और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन का उल्लेख किया।
