यूपी के मेडिकल कॉलेज में एंडोस्कोपी से ब्रेन हेमरेज की सफल brain surgery news, 6 मिमी चीरे से निकला क्लॉट
उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में न्यूरोसर्जरी विभाग ने एंडोस्कोपी तकनीक का इस्तेमाल कर ब्रेन हेमरेज की एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस उपलब्धि ने राज्य में चिकित्सा सुविधाओं को एक नया आयाम दिया है, जिससे भविष्य में ऐसे गंभीर मामलों में मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
तीन दिन पहले हमीरपुर की 65 वर्षीय एक महिला को गंभीर हालत में इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। जांच में उनके दिमाग में बड़े आकार का रक्त का थक्का (क्लॉट) पाया गया, जिससे उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। मरीज की अधिक उम्र और क्लॉट के आकार को देखते हुए, डॉ. सौरभ और डॉ. चंदर की टीम ने पारंपरिक ओपन सर्जरी के बजाय एंडोस्कोपिक तकनीक अपनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
इस आधुनिक प्रक्रिया में मात्र 6 मिलीमीटर के एक छोटे से चीरे के माध्यम से एंडोस्कोप को दिमाग तक पहुंचाया गया और रक्त के थक्के के हिस्से को सावधानीपूर्वक सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। सर्जरी के दौरान रक्तस्राव न्यूनतम रहा और दिमाग की आसपास की महत्वपूर्ण नसों को भी पूरी तरह सुरक्षित रखा गया।
न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह ने इस तकनीक के फायदे बताते हुए कहा कि अब तक ऐसे मामलों में दिमाग का हिस्सा खोलकर ओपन सर्जरी करनी पड़ती थी, जिसमें जटिलताओं का खतरा अधिक रहता था और रिकवरी में भी अधिक समय लगता था। एंडोस्कोपी तकनीक से न केवल जोखिम कम होता है, बल्कि मरीज की रिकवरी भी अपेक्षाकृत तेज होती है। डॉक्टरों के अनुसार, भविष्य में ब्रेन हेमरेज के अन्य जटिल मामलों में भी इस आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम जोखिम और शीघ्र स्वस्थ होने का लाभ मिल सकेगा। यह राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।
