सपा की आज बैठक: अलीगढ़ बवाल के बाद अनुशासन का पाठ, UP politics news
अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों की रविवार को पार्टी कार्यालय पर एक अहम बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी के अनुशासन और विरोध प्रदर्शन के नियमों के बारे में शिक्षित करना है। यह बैठक हाल ही में हुए एक घटनाक्रम के बाद बुलाई गई है, जिसने पार्टी के भीतर चिंता पैदा कर दी है।
हाल ही में, कलक्ट्रेट गेट के सामने एक धरना प्रदर्शन के दौरान, कुछ युवा पदाधिकारियों द्वारा इंस्पेक्टर को दौड़ाए जाने की घटना हुई थी। इस घटना के परिणामस्वरूप, कई युवा सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और दो को गिरफ्तार भी किया गया। इस प्रकरण ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया है, जिसके फलस्वरूप यह आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक में युवा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पार्टी के संविधान और दिशानिर्देशों के अनुसार विरोध प्रदर्शन करने की सीख दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, धरने के दौरान कुछ नेताओं द्वारा की गई बयानबाजी पर भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जताई है। यह स्पष्ट किया गया है कि केवल अधिकृत व्यक्ति ही पार्टी की ओर से बयान जारी करेगा। विरोध प्रदर्शन पार्टी के दिशानिर्देशों के अनुसार और अनुशासन में रहकर ही दर्ज कराया जाना चाहिए।
सपा के पदाधिकारी शनिवार को एसएसपी से मिलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने सीओ तृतीय से मुलाकात की और युवा पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों और गिरफ्तारी पर चर्चा की। हालांकि, पुलिस प्रशासन इस मामले में कोई रियायत देने के मूड में नहीं दिख रहा है।
युवा नेता द्वारा सिविल लाइन इंस्पेक्टर से हुई बातचीत की ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने को भी इस कार्रवाई का एक कारण माना जा रहा है। सीओ तृतीय से मुलाकात के बाद भी कोई समाधान नहीं निकलने पर सपा पदाधिकारी वापस लौट गए।
जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पुलिस और सपाईयों के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने शनिवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उस पर पुलिस से अभद्रता और आगजनी के प्रयास का आरोप है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। इस घटना का सार्वजनिक जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि यह कानून व्यवस्था और राजनीतिक विरोध के बीच संतुलन को दर्शाता है।
