आगरा ट्रेन छेड़छाड़: यात्रियों की निष्क्रियता पर पीड़िता का दर्द, आरोपी पकड़े जा सकते थे
आगरा में एक ट्रेन यात्रा के दौरान युवती से छेड़छाड़ और उसके भाई पर हुए हमले की घटना ने यात्रियों की निष्क्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता ने बताया कि जब उसके साथ और उसके भाई के साथ मारपीट हो रही थी, तब डिब्बे में मौजूद यात्री मूकदर्शक बने रहे। उसने यात्रियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन आरोपी अधिक होने के डर से किसी ने विरोध नहीं किया।
यात्रियों की चुप्पी पर सवाल
पीड़िता के अनुसार, एक युवक डिब्बे में चढ़कर उसे घूर रहा था, जिसका विरोध करने पर युवक अपने साथियों के साथ लौट आया और उसके भाई से मारपीट शुरू कर दी। शोर मचाने और मदद मांगने के बावजूद यात्रियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसी बीच, हमलावरों ने उसके भाई को धक्का देकर ट्रेन से नीचे फेंक दिया। पीड़िता ने यात्रियों से चेन पुलिंग करने या पुलिस को सूचित करने की अपील की, लेकिन किसी ने साहस नहीं दिखाया।
रेलवे हेल्पलाइन की विफलता और 112 पर सूचना
पीड़ित भाई ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण कॉल नहीं लगी। उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को घटना की सूचना दी। ट्रेन के प्लेटफार्म पर धीमी गति होने के कारण भाई की जान बच सकी। आशंका है कि आरोपी फतेहाबाद क्षेत्र के रहने वाले हैं और ट्रेन के रुकने से पहले ही उतरकर भाग गए। यह घटना खाटू श्याम मंदिर दर्शन से लौटते समय हुई।
