जयगुरुदेव आश्रम में सत्संग: पंकज महाराज बोले- द्वापर में एक द्रौपदी का चीरहरण हुआ, आज नशे से हो रहे अनेक अत्याचार
जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे पांच दिवसीय वार्षिक भंडारा सत्संग मेले में रविवार को भंडारे के दौरान पंकज महाराज ने श्रद्धालुओं को मानव तन, सनातन विज्ञान, सुरत-शब्द की महिमा, शाकाहार, नशामुक्ति और मानवीय गुणों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार अत्यंत चिंतनीय हैं। द्वापर में एक द्रौपदी के चीरहरण से महाभारत हुआ था, आज नशे के कारण अनेक घटनाएं हो रही हैं। आने वाला समय चुनौतीपूर्ण है, इससे बचने का एकमात्र उपाय महात्माओं की शरण ग्रहण करना है। मंगल भवन अमंगलहारी का अर्थ स्पष्ट करते हुए पंकज महाराज ने कहा कि मानव तन जीवात्मा के कल्याण का आधार है और उसे दुखों, पापकर्मों और चौरासी के बंधन से बचाता है।
उन्होंने बताया कि शरीर के दसवें द्वार पर स्थित जीवात्मा सुरत शब्द योग के माध्यम से प्रभु से मिलन कर सकती है। यह ज्ञान संत महात्माओं के सत्संगों में मिलता है। उन्होंने कहा कि मनुष्यों के तीन प्रकार के गुरु होते हैं माता-पिता, शिक्षक एवं आध्यात्मिक गुरु। आध्यात्मिक गुरु ही जीव को सुरत शब्द का भेद बताते हैं। सत्संग मन की सफाई करता है और व्यक्ति को सही दिशा देता है। गुरु महाराज के शाकाहार, सदाचार और मद्यनिषेध अभियान को समाज तक पहुँचाना हर अनुयायी का कर्तव्य है। शाकाहार और नैतिकता से ही समाज में वैचारिक क्रांति और रामराज्य की स्थापना संभव है। आगामी 5 दिसंबर को पंकज महाराज गाजीपुर में न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम करेंगे। वहीं 3 से 5 मार्च तक आश्रम में होली महोत्सव आयोजित किया जाएगा। पंकज महाराज ने जयगुरुदेव नाम योग साधना मंदिर में पूजा एवं प्रसाद तैयार करने के बाद श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर पूजन कर दया दुआ मांगी। मंदिर में पूजन कार्यक्रम 2 दिसंबर तक निरंतर चलेगा। सत्संग में भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
