आलू किसानों को भंडारण और भाव में राहत, सरकार देगी 1.50 रुपये प्रति किलो तक सहायता
उत्तर प्रदेश सरकार आलू किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना लागू कर रही है। इस योजना के तहत, किसानों को अपनी आलू की उपज को भंडारित करने पर प्रति किलोग्राम एक रुपये की सीधी छूट दी जाएगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। इस पहल के लिए 1000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो किसानों को उनकी मेहनत का उचित फल सुनिश्चित करेगा।
इसके अतिरिक्त, बाजार में आलू के भावों में होने वाले उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाने के लिए ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ की स्थापना की गई है। इस कोष के माध्यम से, यदि बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चला जाता है, तो किसानों को प्रति किलोग्राम डेढ़ रुपये की दर से ‘भावांतर’ का भुगतान किया जाएगा। यह राशि भी डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में जमा होगी, जिससे उन्हें बाजार की अनिश्चितताओं से सुरक्षा मिलेगी।
यह कदम किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि आलू उत्पादन में काफी लागत आती है और बाजार की अस्थिरता उनके लिए बड़ा आर्थिक संकट पैदा कर सकती है। सरकार का यह प्रयास न केवल किसानों की आय को स्थिर करेगा, बल्कि राज्य में कृषि क्षेत्र को भी मजबूत करेगा। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ओडिशा में उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए आलू की आपूर्ति बढ़ाने और उचित मूल्य दिलाने के प्रयासों पर जोर दिया है, जिसमें क्रेता-विक्रेता सम्मेलन भी आयोजित किए गए।
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