डेंगू-मलेरिया से निपटने की तैयारी: अस्पतालों में आरक्षित होंगे बेड, फीवर हेल्प डेस्क की व्यवस्था
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे वेक्टर जनित रोगों के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों और ब्लॉक अधीक्षकों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संभावित मरीजों के लिए समय पर और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना है।
निर्देशों के तहत, जिला स्तरीय चिकित्सालयों में डेंगू वार्ड के लिए 10 बेड विशेष रूप से मच्छरदानी लगाकर आरक्षित रखे जाएंगे। इसी प्रकार, प्रत्येक ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य संस्थान में पांच बेड की व्यवस्था की जाएगी। इन आरक्षित बिस्तरों पर डेंगू से पीड़ित मरीजों के इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ‘फीवर हेल्प डेस्क’ स्थापित की जाएंगी। इन डेस्क का कार्य बुखार से पीड़ित मरीजों की तत्काल जांच, पंजीकरण और आवश्यक उपचार प्रदान करना होगा, जिससे किसी भी मरीज को देरी न हो।
स्वास्थ्य विभाग ने जांच किट, प्रयोगशाला उपकरण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया है। जिला अस्पताल और जेएन मेडिकल कॉलेज में जांच सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। आपातकालीन वार्डों में डेंगू उपचार प्रोटोकॉल उपलब्ध रहेंगे और चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बुखार के हर रोगी की मलेरिया जांच आरडीटी या रक्त पट्टिका से कराई जाए। पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों का तुरंत इलाज शुरू किया जाएगा और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से फॉलोअप लिया जाएगा। गंभीर मामलों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर करने और रोगियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह व्यापक तैयारी आम जनता को वेक्टर जनित बीमारियों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
