बांग्लादेश हिंसा पर Rashid Alvi का विवादित बयान, कांग्रेस में मचा सियासी घमासान
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं ने भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है। हाल ही में ढाका में दो हत्याओं और एक बर्बर लिंचिंग की घटना के बाद कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। अल्वी ने बांग्लादेश की स्थिति की तुलना भारत से करते हुए कहा कि यहां भी अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार हो रहे हैं।
पूर्व राज्यसभा सांसद राशिद अल्वी ने बांग्लादेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार निंदनीय हैं। हालांकि, उन्होंने भारत सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत में भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अत्याचारों का सामना कर रहे हैं, इसलिए भारत सरकार के बयान का कोई असर नहीं पड़ेगा।
अल्वी के इस बयान से कांग्रेस पार्टी के भीतर ही मतभेद सामने आ गए। वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने इस तुलना को अस्वीकार कर दिया। खुर्शीद ने कहा कि अत्याचारों की तुलना नहीं की जानी चाहिए और किसी भी जगह पर अत्याचार अस्वीकार्य है। वहीं, कांग्रेस नेता अलका लांबा ने भी कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर देश का कर्तव्य है, चाहे वह बांग्लादेश हो या भारत।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में मैमनसिंह में 29 वर्षीय गारमेंट फैक्ट्री वर्कर दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और जला दिया था। इस बर्बर घटना के बाद 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
