रेलवे ट्रैक पर फेंका कचरा तो होगी कड़ी कार्रवाई, OBHS एजेंसी पर गिरेगी गाज
रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों से कचरा बाहर ट्रैक पर फेंकने की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। रेलवे बोर्ड ने निर्देश जारी किए हैं कि यदि ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) या पैंट्री कार के कर्मचारी चलती ट्रेन से कचरा बाहर ट्रैक पर फेंकते हुए पाए गए, तो संबंधित एजेंसी को तुरंत टर्मिनेट कर दिया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों और रेलवे ट्रैक की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है, ताकि यात्रियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
सूत्रों के अनुसार, रेलवे को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि OBHS कर्मचारी कोचों से कूड़ा उठाकर सीधे ट्रैक पर फेंक देते हैं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। कई मामलों में पैंट्री कार से बचा हुआ खाना और अन्य खाद्य सामग्री भी ट्रैक पर फेंकी जा रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे के वाणिज्यिक (Commercial) और मैकेनिकल विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन विभागों के सुपरवाइजर अब आउटसोर्स कर्मियों और लाइसेंसी एजेंसी संचालकों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित करेंगे। उन्हें निर्धारित स्टेशनों पर कचरा निस्तारण के सही तरीकों और महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग) सतीश सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कैटरिंग और OBHS कर्मियों को कचरा प्रबंधन और निस्तारण के संबंध में पहले ही निर्देश दिए जा चुके थे। कचरा फेंकने के लिए स्टेशन भी चिन्हित हैं, लेकिन उनका समुचित पालन नहीं हो रहा था।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि निर्देशों का उल्लंघन जारी रहता है, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार एजेंसी के साथ किए गए अनुबंध को समाप्त कर दिया जाएगा। धनबाद मंडल में इस दिशा में काम शुरू हो गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक (Senior DCM) मोहम्मद इकबाल ने बताया कि OBHS और पैंट्री कार स्टाफ को कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को वीडियो के माध्यम से समझाया जा रहा है। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि यात्रा के दौरान एकत्रित कचरे का निस्तारण किन-किन निर्धारित स्टेशनों पर और कैसे करना है, और इसमें आने वाली संभावित बाधाओं को कैसे दूर किया जाए।
मंडल स्तर से मुख्यालय को इस संबंध में नियमित फीडबैक भी देना होगा। इसके अतिरिक्त, निर्धारित स्टेशनों पर कचरा निस्तारण के लिए प्रत्येक ट्रेन को आवश्यक मात्रा में डिस्पोजल बैग उपलब्ध कराए जाएंगे। यात्रा के दौरान एकत्रित होने वाले कचरे के आकलन के आधार पर, नामित स्टेशनों पर कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कचरा बैग की न्यूनतम संख्या भी तय की जाएगी। रेलवे का यह कड़ा कदम स्वच्छता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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