आगरा में प्रदूषण का कहर, AQI 236 पार; ठंड और धुंध से बढ़ी सांस की दिक्कतें
आगरा में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक हो गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 236 के पार होने से हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। इस दोहरी मार का सबसे बुरा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सांस, एलर्जी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों में सांस लेने की तकलीफ और अस्थमा के मामले तेजी से बढ़े हैं।
जिले में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे कड़ाके कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। दोपहर में हल्की धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन शाम होते ही धुंध और धुएं की परत गहरी हो जाती है। ठंड और प्रदूषण के कारण बाजारों में भी सन्नाटा पसरा है, जिससे व्यापार पर असर पड़ रहा है।
डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचने और प्रदूषण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में न सिर्फ सांस की दिक्कतें बढ़ी हैं, बल्कि डायरिया और वायरल बुखार के मामले भी सामने आ रहे हैं। अस्पताल आए मरीजों को मास्क पहनने, गर्म कपड़े पहनने और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की हिदायत दी जा रही है।
