लखनऊ में कूड़ा जलाने से बढ़ा प्रदूषण, स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की मांग | Lucknow news
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार स्थित सेक्टर-जे के पार्क नंबर-3 में रविवार को सैकड़ों कुंतल कूड़ा जला दिया गया, जिससे पूरे इलाके में घना धुआं छा गया और वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। इस घटना ने स्थानीय निवासियों को आक्रोशित कर दिया है, जिन्होंने नगर निगम के कर्मचारियों पर पर्यावरण नियमों की घोर अनदेखी का आरोप लगाया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब शहर में हरित पहल और जैविक खाद निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पार्क में जमा कूड़े और अन्य कचरे को निस्तारित करने के बजाय उसमें सीधे आग लगा दी गई। उनका आरोप है कि जब आम लोगों को कूड़ा जलाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है, तो फिर नगर निगम के कर्मचारी खुद ऐसा गैर-जिम्मेदाराना कदम कैसे उठा सकते हैं। निवासियों ने बताया कि कचरे को जैविक खाद में बदलने की व्यवस्था होने के बावजूद, उसे सीधे जलाकर खत्म कर दिया गया, जो पर्यावरण के प्रति लापरवाही दर्शाता है।
शहर में पहले भी हरित पहल और जैविक खाद निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई अभियान चलाए गए हैं। ऐसे में खुलेआम कूड़ा जलाना न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इन अभियानों की भावना के भी खिलाफ है। इस तरह की घटनाएं ‘स्वच्छ भारत अभियान’ जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के उद्देश्यों को भी कमजोर करती हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की भी अपील की है, ताकि शहर की वायु गुणवत्ता और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
