Panipat Gorakhpur highway: यूपी के रामपुर में जमीन अधिग्रहण शुरू, इन गांवों में रजिस्ट्री पर रोक
उत्तर प्रदेश और हरियाणा को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी पानीपत-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए रामपुर जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह 750 किलोमीटर लंबा हाईवे रामपुर की सदर, स्वार, टांडा और बिलासपुर तहसीलों से होकर गुजरेगा। परियोजना के पहले चरण में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रभावित गांवों की सूची जारी कर दी है।
प्रशासन ने अधिग्रहण प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रभावित गांवों में भूमि की रजिस्ट्री, क्रय-विक्रय और किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। स्वार तहसील के रजिस्ट्रार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अगले आदेश तक इन क्षेत्रों में भूमि के निबंधन और पंजीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
रामपुर के इन गांवों में लगी रोक
रामपुर जिले की स्वार तहसील में 22 ग्राम पंचायतों में भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। इन गांवों में मधुपुरा, रुस्तमनगर छापर्रा, धनपुर, मिलक काजी, समोदिया, खरदिया, अजीमनगर, शिवपुरी, हरनगला, मल्हपुरा, शाहदरा भोट, हरदासपुर कोठरा, शादीनगर हरदासपुर, ढौंकपुरी टांडा, मुस्तफाबाद ढौंकपुरी, छत्तरपुर, मुस्तफाबाद उर्फ टकलाबाद, मोहम्मदनगर, महूनागर, मिर्जापुर बिलासपुर और नानकार गांव शामिल हैं।
इसके अलावा, सदर तहसील के पैंदानगर, बगरखा, पदपुरा, देवरनिया नार्थ और खिमौतिया बख्ती गांव भी हाईवे के दायरे में आ रहे हैं। टांडा तहसील के मुकुटपुर, लालपुर, चंद्रपुरा, सकरथल, पीपली नायक, चक गजरौला, परसुपुरा और अल्लाहपुर गांवों में भी यह प्रक्रिया लागू होगी।
परियोजना का उद्देश्य और लाभ
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रतिबंध का उद्देश्य अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और अवैध खरीद-फरोख्त या निर्माण को रोकना है। प्रशासन ने किसानों और भूमि स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री या निर्माण कार्य न करें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी, व्यापार और आवागमन में बड़ा सुधार लाएगी। हालांकि, अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान जमीन संबंधी लेन-देन पर लगी रोक से स्थानीय स्तर पर गतिविधियां प्रभावित रहेंगी।
