स्वतंत्रता दिवस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने ली मरीजों की सेवा का संकल्प, बेहतर इलाज ही सच्ची राष्ट्रसेवा
लखनऊ के प्रमुख अस्पतालों में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर सिविल अस्पताल, लोहिया संस्थान, केजीएमयू और बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मरीजों की सेवा का संकल्प लिया। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों को संवेदनशील और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना ही वास्तविक राष्ट्र सेवा है।
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखने पर बल दिया।
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों की विशेष जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर, संवेदनशीलता के साथ और बेहतर इलाज मिलना चाहिए, खासकर गरीब और जरूरतमंद मरीजों की सेवा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अमित देवगन ने सभी से अपने कार्यों को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से करने का आह्वान किया। उन्होंने अस्पताल को बेहतर बनाने और मरीजों को सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान देने को सच्ची राष्ट्रसेवा बताया। यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला ने चिकित्सा शिक्षा को उन्नत बनाने, नई तकनीकों को अपनाने और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के माध्यम से मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का प्रण लिया।
यह संकल्प सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आम जनता को लाभ मिलेगा।
