लखनऊ में स्कूल वाहन दुर्घटना पर अब प्रबंधन होगा जिम्मेदार, DM ने दिए कड़े निर्देश | Lucknow school safety
लखनऊ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति और ट्रैफिक कमेटी की बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई स्कूल वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है और वह निर्धारित आयु पूरी कर चुका है या उसके चालक का ब्योरा नहीं दिया गया है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह कदम Lucknow school safety को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है, जिसका सीधा असर हजारों अभिभावकों और बच्चों पर पड़ेगा।
बैठक में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि लखनऊ में तीन हजार से अधिक स्कूल होने के बावजूद, केवल 350 स्कूल प्रबंधन ने ही अपने चालकों और वाहनों का ब्योरा उपलब्ध कराया है। इनमें से अधिकांश बड़े स्कूल हैं जिनके पास अपनी बसें या वैन हैं। पिछली बैठकों में निजी तौर पर अभिभावकों द्वारा लगाए गए वैन, टेम्पो, ट्रैवलर, ई-रिक्शा और ऑटो जैसे वाहनों का ब्योरा भी मांगा गया था, लेकिन स्कूलों ने यह जानकारी नहीं दी।
जिलाधिकारी ने सभी स्कूलों को आदेश दिया है कि वे अपने स्तर पर स्कूल वाहन चालकों का पूरा ब्योरा पता कर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को उपलब्ध कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह ब्योरा नहीं दिया गया और कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ, तो जवाबदेही सीधे स्कूल प्रबंधन की होगी। इसके अतिरिक्त, पीडब्ल्यूडी को उन स्थानों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया है जहां अधिक दुर्घटनाएं होती हैं, ताकि कारणों का पता लगाकर सुधार किए जा सकें।
बैठक में अनफिट वाहनों और अनाड़ी ड्राइवरों को चिह्नित करने का भी निर्देश दिया गया है। ऐसे वाहनों और चालकों को बच्चों को लाने-ले जाने की सेवा से तुरंत हटा दिया जाएगा। सभी स्कूलों को ‘मिशन भरोसा’ के तहत वाहनों और चालकों का विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है ताकि बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा सके।
