आरबीआई ने रेपो रेट में की बढ़ोतरी, महंगा हुआ बैंक लोन | business news
भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में बढ़ती महंगाई पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही रेपो रेट अब 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गया है। केंद्रीय बैंक के इस कदम से आम जनता और कारोबारियों के लिए बैंक से मिलने वाले सभी तरह के कर्ज महंगे हो जाएंगे।
मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाए गए इस कदम से बाजार में पैसों के प्रवाह को संतुलित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि लोन महंगे होने से बाजार में मांग कुछ धीमी होगी, जिससे कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, इसका सीधा असर मौजूदा और नए कर्ज धारकों की जेब पर पड़ेगा, जिनकी मासिक किस्तें (EMI) बढ़ सकती हैं।
रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद नई दरों की घोषणा की गई। केंद्रीय बैंक ने महंगाई के मोर्च पर सतर्कता बरतते हुए वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए महंगाई के अनुमान को 5.0 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया है। इसके विपरीत, देश की आर्थिक विकास गति को लेकर सकारात्मक रुख दिखाते हुए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया गया है।
आने वाले समय में ब्याज दरों का घटना या बढ़ना पूरी तरह से वैश्विक आर्थिक स्थितियों और घरेलू बाजार में महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा। यदि मुद्रास्फीति तय सीमा के भीतर रहती है, तो केंद्रीय बैंक भविष्य में राहत देने पर विचार कर सकता है।
