आगरा में जीएसटी का बड़ा फर्जीवाड़ा, 42 फर्जी फर्मों ने किया 330 करोड़ का आईटीसी घोटाला | agra news
आगरा में कर चोरी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां टैक्स नेटवर्क का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग की सतर्कता से एक साल के भीतर 42 ऐसी फर्जी फर्मों का खुलासा हुआ है, जिनका वजूद सिर्फ कागजों तक ही सीमित था। इन फर्मों ने बिना किसी वास्तविक खरीद-फरोख्त के भारी-भरकम इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास ऑन किया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगी।
विभाग की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़ी गई इन फर्मों में से 33 सेंट्रल जीएसटी और 9 स्टेट जीएसटी के दायरे में पंजीकृत थीं। इन सभी ने मिलकर लगभग 330 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी पास ऑन किया। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 16.64 करोड़ रुपये का आईटीसी ब्लॉक किया और विभिन्न मामलों में कुल 7.7 करोड़ रुपये की रिकवरी भी सुनिश्चित की है। इस तरह के वित्तीय घोटालों से देश की आर्थिक व्यवस्था और राजस्व पर सीधा असर पड़ता है, जिससे आम जनता के विकास कार्यों के लिए मिलने वाले फंड पर भी प्रभाव,पड़ता है।
अपर आयुक्त ग्रेड वन पंकज गांधी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कर चोरी करने वाली इन संदिग्ध फर्मों के खिलाफ विभाग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। विभाग की ओर से कुल 368 करोड़ रुपये की बकायेदारी इन फर्मों पर निकाली गई है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े हर एक व्यक्ति पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
