INDIA ब्लॉक के नेताओं का राष्ट्रपति से मिलने का अनुरोध, चुनाव आयोग के खिलाफ तेज हुआ विरोध | india politics
देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद अब INDIA ब्लॉक के प्रमुख नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का औपचारिक समय मांगा है। आगामी नौ अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी दलों की एक अहम बैठक होने की संभावना है, जिसके चलते सभी विपक्षी सांसदों को दिल्ली में ही मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान विपक्ष की ओर से एक बड़े मार्च या विरोध प्रदर्शन की भी योजना बनाई जा रही है।
राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को जनपथ रोड पर एक विशेष बैठक के लिए बुलाया गया है। इससे पहले मंगलवार को निकाले गए विरोध मार्च के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला था। निर्वाचन सदन की तरफ मार्च कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई दिग्गज नेताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया था। इस दौरान प्रदर्शनकारी नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया था, जो कई घंटों तक चला था। बाद में पुलिस ने सभी बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया था।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है। आकाशवाणी भवन की तरफ से दी गई इस शिकायत में नेताओं पर जबरन परिसर में घुसने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार और प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया और स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उन्हें कांग्रेस पार्टी या किसी अन्य विपक्षी दल की ओर से बैठक के संबंध में कोई पूर्व अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था। चुनाव आयोग के इस रुख के बाद विपक्ष ने राष्ट्रपति से गुहार लगाने का निर्णय लिया है। इस बढ़ते राजनीतिक टकराव का असर आम जनजीवन और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है, जिससे देश की सियासत में गर्माहट बनी हुई है।
