आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक का फैसला आज, लोन धारकों को राहत या झटका | india economy
भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड द्वारा संचालित मौद्रिक नीति समिति की त्रैमासिक बैठक के नतीजे आज सार्वजनिक किए जाएंगे। इस घोषणा पर देश भर के करोड़ों कर्ज धारकों और निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर आम आदमी के मासिक बजट पर पड़ता है। अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति और वैश्विक बाजारों के उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह निर्णय बेहद अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल के दामों में आए उछाल और खुदरा महंगाई के जोखिमों को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बदलाव का कड़ा कदम उठा सकता है। यदि रेपो दर में पच्चीस आधार अंकों की वृद्धि की जाती है, तो बैंकों के लिए केंद्रीय संस्थान से धन जुटाना महंगा हो जाएगा, जिसका असर खुदरा ऋणों पर पड़ना तय है।
आम जनता पर इसका प्रभाव सीधा और स्पष्ट होगा। जिन नागरिकों ने पहले से गृह ऋण या वाहन ऋण ले रखा है, उनकी मासिक ईएमआई में बढ़ोतरी हो जाएगी। हालांकि, फिक्स्ड डिपॉजिट यानी सावधि जमा करने वाले निवेशकों को इस स्थिति में बेहतर रिटर्न का लाभ मिल सकता है क्योंकि बैंक ब्याज दरों में संशोधन कर सकते हैं। केंद्रीय बैंक के इस कदम से बाजार में तरलता को नियंत्रित करने और मुद्रास्फीति को काबू में रखने में मदद मिलेगी।
