संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होंगे ईरान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री, अमेरिका ने दी वीजा की अनुमति | world news
अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक खींचतान के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित होने वाली आगामी महासभा की बैठक में भाग लेने के लिए शीर्ष ईरानी नेतृत्व को वीजा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची न्यूयॉर्क की यात्रा करेंगे। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों देशों के बीच संवाद के द्वार खुलने की उम्मीद बंधती है, जिससे वैश्विक कूटनीति पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है [world news]।
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के रूप में अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए यह अनुमति दी गई है। हालांकि, ईरानी प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही पर पहले की तरह ही कड़े प्रतिबंध लागू रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल की गतिशीलता मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र परिसर और संबंधित मिशन तक ही सीमित रहेगी। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा लगाए गए यात्रा और व्यापारिक प्रतिबंध यथावत बने रहेंगे, और पिछले साल के मुकाबले इस बार प्रतिनिधिमंडल का आकार भी छोटा होगा।
गौरतलब है कि 1947 के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय समझौते के तहत अमेरिका विदेशी राजनयिकों को संगठन तक पहुंचने की सुविधा देने के लिए बाध्य है। हालांकि, सुरक्षा और विदेश नीति के आधार पर वीजा अस्वीकार करने का अधिकार भी अमेरिका के पास सुरक्षित रहता है। इस बार फिलिस्तीनी अधिकारियों को प्रवेश से रोकने के ठीक एक दिन बाद ईरान को यह अनुमति मिलना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
