गोवा में दिए गए बयान पर घिरे अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस ने बनाया बड़ा राजनीतिक मुद्दा | india politics news
गोवा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने ऊपर लगने वाले उस आरोप का जवाब देने की कोशिश की, जिसमें विपक्षी वोटों के बंटवारे से भाजपा को फायदा मिलने की बात कही जाती है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में भाजपा से नाराज रहने वाले मतदाता कांग्रेस को चुनने के बजाय उनकी पार्टी को समर्थन देते हैं। केजरीवाल के इस बयान के सामने आते ही राष्ट्रीय स्तर पर सियासी घमासान शुरू हो गया है [india politics news]।
कांग्रेस पार्टी ने तुरंत इस बयान को लपकते हुए अरविंद केजरीवाल पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आप प्रमुख ने खुद ही यह स्वीकार कर लिया है कि वे भारतीय जनता पार्टी की बी टीम के रूप में काम कर रहे हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और सोशल मीडिया हेड सुप्रिया श्रीनेत समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से केजरीवाल पर कटाक्ष किया और उन्हें वैचारिक रूप से भाजपा के करीब बताया। कांग्रेस का यह आक्रामक रुख विपक्षी गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान को और स्पष्ट करता है।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के इन हमलों का कड़ा जवाब दिया है। आप प्रवक्ताओं ने कांग्रेस की चुनावी जमीन और जमीनी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी विचारधारा केवल सोशल मीडिया तक सीमित रह गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बयानबाजी से विपक्षी एकता पर असर पड़ सकता है, खासकर तब जब विभिन्न राज्यों में आगामी चुनाव नजदीक हैं। जनता के बीच इस तरह के बयानों से राजनीतिक दलों की प्राथमिकताओं और आपसी कटुता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिसका सीधा असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
