आगरा में 150 साल पुराना बरगद का पेड़ काटने पर भूमि मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में पर्यावरण संरक्षण के नियमों को ताक पर रखकर एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां के व्यस्त बाग फरजाना इलाके में स्थित चामुंडा मंदिर के समीप खड़े डेढ़ सदी पुराने बरगद के पेड़ को अवैध रूप से काट दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर पेड़ों की सुरक्षा और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस प्रकार की अवैध कटाई से स्थानीय पर्यावरण संतुलन पर बुरा असर पड़ता है और जनमानस में रोष व्याप्त होता है [agra news]।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासियों और संगठनों ने कड़ा विरोध जताया। हिंदूवादी नेताओं ने इस मामले के ठोस सबूत जुटाकर वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। साक्ष्य के रूप में वीडियो और फोटोग्राफ भी सौंपे गए, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बरगद का पेड़ उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत एक प्रतिबंधित और संरक्षित प्रजाति का है। नियमों के मुताबिक, ताज ट्रेपेजियम जोन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी संरक्षित पेड़ को काटने या उसकी भारी छंटाई करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के नियमों के तहत सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भूमि के मालिक राजीव जैन के खिलाफ वानिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रकृति और हरियाली को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
