यूपी में कफ सिरप तस्करों के नेटवर्क का खुलासा, शराब कारोबार में लगाया पैसा; UP crime news
उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का मामला अब मनी लॉन्ड्रिंग की ओर मुड़ गया है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि तस्करी के मुख्य आरोपियों ने अवैध कमाई को शराब के व्यवसाय में निवेश किया था। यह नेटवर्क केवल नशीले पदार्थों की बिक्री तक सीमित नहीं था, बल्कि संगठित अपराध के माध्यम से धन शोधन में भी शामिल था।
तस्करी के मुख्य आरोपियों विभोर राणा, विशाल और विकास ने शराब व्यवसाय में भारी रकम लगाई थी। मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के करीबी विकास नरवे ने गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को यह जानकारी दी। पूछताछ के दौरान, उसने कई साक्ष्य दिए, जिसके आधार पर बैंक खातों की जांच की गई। जांच में शराब ठेकेदारों के साथ संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि हुई है।
आरोपियों ने विशेष रूप से वाराणसी और गाजियाबाद के शराब व्यवसायों में निवेश किया था। इस इनपुट के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को चार बड़े शराब ठेकेदारों को मुख्यालय बुलाकर घंटों पूछताछ की। यह कार्रवाई दिखाती है कि तस्करी के इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसमें कई बड़े कारोबारी भी शामिल हो सकते हैं।
